दो बच्चों की हत्या के मामले में मां को उम्र कैद की सजा 6/9/2016 2:06:42 AM

नई दिल्ली। तीस हजारी की सत्र अदालत ने अपने दो बच्चों की हत्या करने के बाद आत्महत्या का प्रयास करने वाली मां को उम्र कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि ऐसे कोई सुबूत नहीं मिले हैं जिससे यह साबित हो सके कि वारदात के वक्त 32 वर्षीय महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार ने सजा सुनाते वक्त कहा कि महिला की वजह से दो महत्वपूर्ण जिंदगी खत्म हो गई। हालांकि यह मामला दुर्लभ से दुर्लभतम की श्रेणी में नहीं आता है। न्यायाधीश ने कहा कि बचाव पक्ष की तरफ से पेश किए गए सुबूतों से उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ है। महिला का इहबास अस्पताल में इलाज किए जाने की पुष्टि तो होती है, लेकिन ऐसा कोई रिकॉर्ड अदालत के समक्ष नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। महिला ने अदालत के समक्ष सजा में नरमी बरते जाने की दरख्वास्त की थी। उसका कहना था कि वह एक विधवा है और उसका मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा है। अदालत ने मां सोनाली सचदेवा (32) को आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 309 (आत्महत्या का प्रयास करना) के तहत दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सनाई। अभियोजन के मुताबिक यह वारदात मार्च 2010 में तिलक नगर इलाके में हुई थी। सोनाली ने बयान में पुलिस को बताया कि प्रमोद बेटी के स्कूल में दाखिले को लेकर चिंतित थे। डिप्रेशन में प्रमोद ने आत्महत्या कर ली। तनाव के चलते उसने भी दोनों बच्चों की तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर दी। बाद में सोनाली ने नींद की गोलियां खा ली और हाथ की नस काटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया।